पल्लवी पुरकायस्थ हत्याकांड : मृत्युदंड का अनुरोध करती याचिका खारिज

2012 में कॉर्पोरेट वकील पल्लवी पुरकायस्थ हत्याकांड में दोषी को मृत्युदंड देने का अनुरोध करने वाली याचिका को बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को खारिज कर दिया। 

वडाला उपनगर में हुई इस हत्या में सिक्युरिटी गार्ड सज्जाद अहमद अब्दुल अज़ीज़ मुग़ल उर्फ सज्जाद पठान को दोषी पाया गया था और उम्रकैद की सज़ा ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी। महाराष्ट्र सरकार और पल्लवी के पिता ने उच्च न्यायालय से दोषी को मृत्युदंड की सज़ा दिए जाने का अनुरोध किया था। 

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अदालत ने इसी के साथ पठान की याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें उसे दोषी ठहराए जाने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई थी। अदालत ने निचली अदालत के फैसले में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया कि पठान को आजीवन बिना परोल/फरलो के जेल में रहना होगा। अदालत ने ऐसा इसलिए भी किया क्योंकि अतीत में एक मौके पर पठान फरार हो गया था और डेढ़ वर्ष बाद जेल लौटा था। 

पठान को 2014 में सत्र न्यायालय ने दोषी करार दिया था और इस मामले को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” न मानते हुए मृत्युदंड की सज़ा देने के अनुरोध को ठुकराते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। महाराष्ट्र सरकार और पल्लवी के पिता ने उसके बाद उच्च न्यायालय का रुख किया था। 

पुलिस के अनुसार पठान ने पल्लवी के फ्लैट में घुसने के इरादे से फ्लैट की बिजली काट दी थी जिसके बाद पल्लवी ने इलेक्ट्रिशन को बुलाया था और पठान को फ्लैट में आने दिया। जिस शाम पल्लवी का शव मिला था, पठान को उसके अगले दिन मुंबई सेंट्रल स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था, जहां से वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। 

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